विद्यालय परिषर में राष्ट्रवाद की अलख जगाता है एबीवीपी – धर्मेंद्र मिश्र

भण्डाफोर समाचार-
संजय पाण्डेय की रिपोर्ट-

शोहरतगढ / सिद्धार्थनगर । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र संगठन ने शोहरतगढ सरस्वती विद्या मंदिर के कैंपस में सदस्यता अभियान चलाकर विद्यालय तीन सौ से अधिक छात्र – छात्राओं को विद्यार्थी परिषद में जोड़ा। इस दौरान मुख्य वक्ता विद्यालय के प्रधानाचार्य धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि अभाविप विश्व का सबसे बड़ा छात्रों का संगठन है। इसकी स्थापना 9 जुलाई सन् 1949 में हुई थी। अभाविप अपने स्थापना काल से ही दलगत राजनीत से ऊपर उठकर विद्यालय परिषर में जाकर छात्रों के अंदर पडाई लिखाई के साथ साथ नेतृत्व विकास व राष्ट्रवाद की अलख जगाता है। सभी छात्रों को विद्यार्थी परिषद से जुडना चाहिए।


इसी क्रम में एबीवीपी के मीडिया प्रमुख विपुल उपाध्याय ने कहा कि एबीवीपी एक राष्ट्रवादी एवं सामाजिक संगठन होने के नाते जब जब देश समाज पर कोई विपत्ति आई है। तब तब उन विपरीत परिस्थितियों में भी विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्त्ता अपना कर्तव्य समझकर समाज में आगे आकर लोगों की मदद करने का कार्य किया है। चाहे देश में अभी हाल ही में कोविड कोरोना महामारी लाकडाउन का दौर रहा हो या बाढ़ से प्रभावित समय रहा हो। हर समय अपनी सेवा देने के लिए चौबीस घंटे तैयार रहने वाला कार्यकर्ता अभाविप का होता है। इस दौरान शिक्षक ओम प्रकाश मिश्रा, विनोद श्रीवास्तव, अरुणेश त्रिपाठी, नरपति, संतोष मिश्रा एवं छात्र – छात्राओं में श्रेया गुप्ता, नैना कान्दू, अमृता शुक्ला, हिमांशु सिंह, अनुराग कसौधन आदि छात्र छात्राओं ने परिषद की सदस्यता ग्रहण की।

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